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Amitabh Bachchan Dialogues जो आज भी सबके जुबान पर है

Amitabh Bachchan Dialogues

बॉलीवुड में सबसे बड़े सुपरस्टार , अमिताभ को फिल्मों में उनके शानदार प्रदर्शन और उनकी शानदार अभिनय के लिए जाना जाता है।

अपनी दशकों  लंबे फिल्मी कैरियर को देखते हुए, बिग बी ने कई ब्लॉकबस्टर हिट और बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त तहलका मचाने का कीर्तिमान बनाया है।

डॉन से लेकर विजय दीनानाथ और  एंथनी गोंसाल्वेज़ तक, हिंदी सिनेमा के कुछ सबसे जबरदस्त किरदारों को सुनहरे पर्दे पर जीवित किया है।

अमिताभ बच्चन की अनूठी आवाज , जिससे वह ऐसे ना भूलने वाले  डाइलॉग उन्हें हर उम्र के पसंदीदा अभिनेता बन जाते हैं!

आज हम अमिताभ बच्चन के उन्ही डायलॉग को ओर उनकी ऐक्टिंग को सलाम करते हुवे, उनके कुछ शानदार संवाद आपके सामने लाये है।

  • डॉन (1978)

डॉन का इंतजार तो ग्याराह मुल्कों की पुलिस कर रही है। लेकिन सोनिया, एक बात समझ लो डॉन को पकड़ना करना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है”

यह संवाद और चरित्र इतना हिट हो गया है कि इस फिल्म का निर्माण दोबारा किया गया था, और यह संवाद 2006 में शाहरुख खान द्वारा दिया गया था, हालांकि अमिताभ की डाइलॉग  डिलीवरी अभी भी नंबर एक पर  है।

  • अग्निपथ (1990)

विजय दीनानाथ चौहान पूरा नाम, बाप का नाम, दीनानाथ चौहान, मां का नाम, सुहासिनी चौहान, गांव मांडवा, उमर छत्तीस साल।

डॉन की तरह, इस क्लासिक लाइन को ऋतिक रोशन ने 2012 में अग्निपथ के हिट रीमेक में फिर से दिया था ।

  • कालिया (1981)

हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वही से शुरू होती है।

इस फिल्म में अमिताभ के भोले भाले डरपोक व्यक्ति के किरदार को जेल जाने के बाद, कैसे एक एंग्री यंग मेन में बदल जाता है। अपने शानदार अभिनय से जीवित कर दिया।

  • जंजीर (1973)

जब तक बैठने को न कहा जाए शराफत से खड़े रहो। ये पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं।

जंजीर फ़िल्म ने अमिताभ को ‘द एंग्री यंग मैन’ की  कतार में सबसे आगे खड़ा कर दिया था।

  • शहंशाह (1988)

रिश्ते में हम तुम्हारे बाप होते हैं, नाम है शहंशाह

आकर्षक चांदी की जंजीर वाली  काली जैकेट,आज भी उतना ही दमदार, जब यह फिल्म रिलीज हुई थी,

  • दीवार (1975)

आज मेरे पास पैसा है, बांग्ला है, गाड़ी है, नौकरी है, बैंक बैलेंस है, और तुम्हारे पास क्या है?” रवि: “मेरे पास माँ है!

एक पुलिस इंस्पेक्टर रवि, जबकि विजय एक अंडरवर्ल्ड डॉन है, दोनों भाईयो के बीच के रिस्तो पर बनी शानदार फ़िल्म हैं।

  • शोले (1975)

मौसी आप वीरू को नहीं जानती, विश्वास कीजिये , वो इस तरह का इंसान नहीं है। एक बार शादी हो गई तो वो नाचने गाने वाली के घर जाना बंद कर देगा।

अमिताभ बच्चन की कोई भी सूची अब तक की सबसे महान भारतीय फिल्म: शोले के कम से कम एक संदर्भ के बिना पूरी नहीं होगी ।

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